Thu. Nov 25th, 2021

    The Ugly Truth About Time Machine

    Spread the love

    जब अल्बर्ट आइंस्टीन ने थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी यानी सापेक्षतावाद का सिध्दांत प्रकाशित किया तो उसी सिध्दांत के आधार पर टाइम ट्रेवल की कल्पना की जाने लगी। आइंस्टीन के थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी सिध्दांत के प्रकाशित होने से पहले लोगों में केवल एक ही अवधारणा थी कि ब्रह्माण्ड में समय की गति हर जगह वही है जो पृथ्वी पर होती है!

    उनका मानना था की समय जिस रफ़्तार से पृथ्वी पर गुजर रहा है उसी प्रकार ब्रह्माण्ड में दूर कही किसी दूसरे ग्रह पर भी समय इसी रफ़्तार से गुजर रहा होगा ! लेकिन आइंस्टीन ने लोगों की इस अवधारणा को गलत साबित कर समय की एक अलग परिभाषा दी !

    अल्बर्ट आइंस्टीन ने बताया कि समय और अंतरिक्ष एक दूसरे से जुड़े हुए हैं ! जिसे Space Time कहते हैं ! समय एक 4th डायमेंशन यानी चौथा आयाम है और समय की गति को धीमा या तेज किया जा सकता है।

    इंग्लैंड के मशहूर लेखक हर्बट जार्ज वेल्स ने 1895 में ‘द टाइम मशीन’ नामक एक उपन्यास प्रकाशित किया, तो समूचे युरोप में तहलका मच गया। इस उपन्यास में वेल्स ने ‘टाइम मशीन’ की अद्भुत कल्पना की। हालांकि वेल्स के उपन्यास में व्यावहारिक रूप से कई विसंगतियां है।

    Facebook Comments Box